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10 Nov 2025 · 1 min read

मां यमुना

मां यमुना
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हम निर्मल- पावन जल की महिमा नहीं घटाएं,
पतितपावनी मां यमुना को निर्मल पुनः बनाएं ।

प्राणदायिनी मां यमुना को बचाने जन-जन आगे आएं,
पुण्यदायिनी मां यमुना को केमिकल – विष से बचाएं ।

आओ- आओ सब साथी मिलकर हाथ बंटाएं,
पतितपावनी मां यमुना को निर्मल पुनः बनाएं ।

पूजा -पाठ की सामग्री को यमुना में न बहाएं,
सड़ा-गला कचरा बहाकर जल को जहर न बनाएं ।

किसी भी तरह की मूर्ति-तस्वीर का विसर्जन न करें,
हो जायें जागरूक, धर्मवीर बनें, आडंबर न करें ।

निकट ही विसर्जन हेतु, यमुना घाट पर कुंड बनाएं,
पतितपावनी मां यमुना को निर्मल पुनः बनाएं ।

कहीं न कोई घाट- किनारा वृक्षों से खाली रहे,
मां यमुना का हर किनारा हरियाली से भरा रहे ।

बेशक कोई न हो पर्व- स्नान तिथि यमुना की नित करो सफाई,
हो जाओ तैयार धर्मप्रेमी पावन कर्म करने की बारी आई ।

प्राणदायिनी- पुण्यदायिनी अविरल मां यमुना को बचाएं,
पतितपावनी मां यमुना को निर्मल पुनः बनाएं ।

मुकेश कुमार ऋषि वर्मा
ग्राम रिहावली, डाक घर तारौली गूजर, फतेहाबाद, आगरा, उत्तर प्रदेश 283111
9627912535

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