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10 Nov 2025 · 1 min read

नदी के कछार पर उगे गहरे हरे

नदी के कछार पर उगे गहरे हरे
रंग के लंबे – लंबे खड़े पटेर के घास
दलदली कादो से काली मिट्टी
के तह में छिपा केंकड़ा या काली मछलियाँ
या कि रेत के बीच बने बिल में
छिपे साँपो के गुमनाम अड्डे
या बारिश आने से पहले
बालू के निर्मित बाँबियों से निकलती चींटियों
की रैलियाँ जब अचानक
रुक जाएँ
केकड़े या मछलियाँ या जहरीले साँप
आ जाएँ शिकारी के गिरफ्त में
रौंद दे अपने पैरों से सैकड़ों
चीटियों को एक साथ इंसान
या वहशी जानवर
पटेर के कटकर बिछावन बनने पर
उस तड़प को महसूस करते हुए
मुझे तुम्हारी याद आ जाती है ।

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