क्या नया आएगा ?
क्या उगेगा नया सूरज क्या नया चांद आएगा ?
क्या बेचैन रात के बाद खुशी सा शाम आएगा ?
आयेंगे क्या वो पल जो पिछले साल झूठ गया
क्या वो लोक आयेंगे जिनसे हाथ छूट गया l
क्या आएगा ऐसा पल जहां अपनोसे न बैरी हो ?
क्या आएगा ऐसी रात जहां सपने न अधूरी हो ?
क्या अधूरे ख्वाब जो बाकी रह गए वो पूरे होंगे
अपनो की भीड़ में क्या अपने सारे होंगे |
अंत में बस एक ही जवाब है
कहानी वही होगा बस पन्ने नए होंगे
आंसू वही होगा बस कारण नए होंगे |
वैसे ही होगी सुबह ओर वैसे ही शाम गुजरेगा
साल तो बदल जाएगा पर दिन वही होगा ।