अगर साधना सच्ची हो
अगर साधना सच्ची हो तो
छंद: तांटक
अगर साधना सच्ची हो तो,
इष्ट प्राप्त हो जाएगा।
जूझ रहा जो हर संकट में,
वहीं सफल हो पाएगा।।
संकल्प प्रबल होगा जिसका,
कभी न मुँह की खाएगा।
देर भले अंधेर नहीं पर,
गगन घोष घहराएगा।।
अटल खड़ा सद्पथ पर अपने,
दुख में भी मुस्काएगा।
ऐसे हीं नर व्याघ्र जगत् को,
मुक्ति मार्ग दिखलाएगा।।
घृणा-द्वेष से ऊपर उठकर,
गीत प्रीत का गाएगा।
पुरुषार्थ प्रबल हो करने वाला,
नव बिहान ले आएगा।।
__ अशोक झा ‘दुलार’