तंग दिल तंग ज़हन, सोच हैरान कुन
ताज़ा ग़ज़ल..
तंग दिल तंग ज़हन, सोच हैरान कुन,
हर बशर कारगर , क्यूँ परेशान कुन।1.
मुस्कुरा कर रुकें , हैं अजब बुलबुलें,
खिल रहा है चमन, यार इमरान कुन ।2.
जी रहा ज़िंदगी, किस लिए सोच तू ,
महफ़िलें छोड़ , ख़ुद को पहचान कुन ।3.
देख कर फ़ख्र हो , नौजवाँ , नाज़नीं,
ख़ूबसूरत कलाकार , हमदान कुन ।4.
रूबरू दिलरुबा , बेनज़र ख़्वाब था ,
नींद खुलती गई , खोए अरमान कुन।5.
अजनबी दिख रही , है मगर यार सी ,
रंग भर कर कहा , नील मेहमान कुन ।6.
✍️नीलोफर ख़ान नील रूहानी..
शब्दार्थ _
परेशान कुन _ कष्टदायक
इमरान _ खुशी
कारगर’ _ प्रभावशाली, प्रभावी,
हमदान _ “जिसकी प्रशंसा की जाए” या “प्रशंसनीय”