Sahityapedia
Sign in
Home
Your Posts
QuoteWriter
Account
9 Nov 2025 · 1 min read

तंग दिल तंग ज़हन, सोच हैरान कुन

ताज़ा ग़ज़ल..

तंग दिल तंग ज़हन, सोच हैरान कुन,
हर बशर कारगर , क्यूँ परेशान कुन।1.

मुस्कुरा कर रुकें , हैं अजब बुलबुलें,
खिल रहा है चमन, यार इमरान कुन ।2.

जी रहा ज़िंदगी, किस लिए सोच तू ,
महफ़िलें छोड़ , ख़ुद को पहचान कुन ।3.

देख कर फ़ख्र हो , नौजवाँ , नाज़नीं,
ख़ूबसूरत कलाकार , हमदान कुन ।4.

रूबरू दिलरुबा , बेनज़र ख़्वाब था ,
नींद खुलती गई , खोए अरमान कुन।5.

अजनबी दिख रही , है मगर यार सी ,
रंग भर कर कहा , नील मेहमान कुन ।6.

✍️नीलोफर ख़ान नील रूहानी..

शब्दार्थ _
परेशान कुन _ कष्टदायक
इमरान _ खुशी
कारगर’ _ प्रभावशाली, प्रभावी,
हमदान _ “जिसकी प्रशंसा की जाए” या “प्रशंसनीय”

Loading...