वाइन हेल्दी हो गयी
वाइन हेल्दी हो गई,
मिल्क हुआ नुकसानी।
नल का जल बेकार अब,
शुद्ध आर ओ का पानी।
अंडा मुर्गी मटन में,
है प्रोटीन भरपूर।
रोटी सब्जी साग फल,
कुछ भी नहीं हुजूर।
हिंदी वक्ता मूर्ख हैं
आंग्ल बोल गुणवान।
साधु संत डाकू लगें,
डाकू हुए महान।
रबड़ी खाएं फसादी
सज्जन खाएं राब।
नेता के संग में रहो,
पूरे हो सब ख्वाब।
मेहनत से कुछ होत न,
बेइमानी रंग घोल।
फार्च्यूनर हो द्वार पर,
ज्यों भावे त्यों डोल।
देख निराली परंपरा,
सृजन भया उदास।
जन विशेष हैं आम अब,
आम हो गए खास।