"शाज़"___कहते है
“शाज़”___कहते है
“कविता केवल शब्द नहीं, यह दिल की वो आवाज़ है जो समाज को सोचने पर मजबूर कर दें।
शाहबाज़ आलम “शाज़”
“शाज़”___कहते है
“कविता केवल शब्द नहीं, यह दिल की वो आवाज़ है जो समाज को सोचने पर मजबूर कर दें।
शाहबाज़ आलम “शाज़”