सीधी सट्ट - ८३०
सीधी सट्ट – ८३०
इतना अधिक खुलापन कदापि अच्छा नहीं होता कि अपने जीवन का हर रहस्य लोगों को बताते रहो लेकिन हर तरफ से उतना ढका हुआ भी किस काम का कि आवश्यकता पड़ने पर अपनी बात न कह सको।
सीधी सट्ट – ८३०
इतना अधिक खुलापन कदापि अच्छा नहीं होता कि अपने जीवन का हर रहस्य लोगों को बताते रहो लेकिन हर तरफ से उतना ढका हुआ भी किस काम का कि आवश्यकता पड़ने पर अपनी बात न कह सको।