इतिहास
अपना इतिहास खोजो और जानो। अपना इतिहास जानना व्यक्ति, समाज और कौम को वट-वृक्ष के समान मजबूती प्रदान करता है। अन्यथा मूल यानी जड़ के अभाव में सब कुछ महत्वहीन हो जाता है। अन्य शब्दों में, इतिहास अतीत का वो आईना है, जिसमें सब कुछ दिख जाता है।
डॉ. किशन टण्डन क्रान्ति
साहित्य वाचस्पति
भारत भूषण सम्मान प्राप्त
हरफनमौला साहित्य लेखक