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8 Nov 2025 · 1 min read

शुभ प्रभात मित्रो !

शुभ प्रभात मित्रो !
आदमी जीवनयापन के लिये अनेकों
उपक्रम करता है । किन्तु मृत्यु उसका
पीछा नहीं छोडती और एक दिन चुप
से आती है और चिडिया की तरह से
चुग जाती है ।
हम सब उसी चिड़िया के दाने हैं ।
जय श्री राधे !
जय श्री कृष्ण !
***

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