Sahityapedia
Sign in
Home
Your Posts
QuoteWriter
Account
7 Nov 2025 · 1 min read

प्रेम

प्रेम बिना जीवन कहाँ, प्रेम जगत का सार।
डूब गया जो प्रेम में ,उतर गया भव- पार।।

डॉक्टर रागिनी, इंदौर

Loading...