Sahityapedia
Sign in
Home
Your Posts
QuoteWriter
Account
डॉ . रागिनी स्वर्णकार शर्मा
172 posts · 6,968 words
Report this post
7 Nov 2025 · 1 min read
प्रेम
प्रेम बिना जीवन कहाँ, प्रेम जगत का सार।
डूब गया जो प्रेम में ,उतर गया भव- पार।।
डॉक्टर रागिनी, इंदौर
Loading...