हम तुम और हसीन शाम हो
दूर तक ना कोई आवाम हो
हम-तुम और हसीन शाम हो
चारों तरफ काले बादल हो
हवा में यूं लहराते आंचल हो
आंख से जो छलके जाम हो
हम-तुम और हसीन शाम हो ।
हाथों में हाथ डालकर चलें
गम दिल से निकाल कर चले
तेरे कंधों पे जी भर आराम हो
हम तुम और हसीन शाम हो।
खूशबू महके तेरे सांसों की
चांदनी चमके जैसे रातों की
दुनिया में आला मकाम हो
हम तुम और हसीन शाम हो
नूर फातिमा खातून “नूरी”
जिला -कुशीनगर