शाज़ कहते है___
शाज़ कहते है___
संसार है जैसे एक लहर,
जो आई — और मिट गई।
सुख आया — और चला गया,
दुख आया — तो कुछ सिखा गया।
शाहबाज आलम शाज़
शाज़ कहते है___
संसार है जैसे एक लहर,
जो आई — और मिट गई।
सुख आया — और चला गया,
दुख आया — तो कुछ सिखा गया।
शाहबाज आलम शाज़