मुझको हर पल मलाल इसका
मुझको हर पल मलाल इसका
तेरी चाहत में लड़खड़ाया
न तो ख़ुद को संभाल पाया
न ही तुझको संभाल पाया
—शिवकुमार बिलगरामी—
मुझको हर पल मलाल इसका
तेरी चाहत में लड़खड़ाया
न तो ख़ुद को संभाल पाया
न ही तुझको संभाल पाया
—शिवकुमार बिलगरामी—