रचनाकार – शाहबाज़ आलम "शाज़" (युवा कवि)
शीर्षक: तेरी बातों का सुकून
✍🏼 रचनाकार – शाहबाज़ आलम “शाज़” (युवा कवि)
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तुमसे जब भी बातें होती हैं,
दिल में एक मीठी हलचल होती है।
हर शब्द तेरे लबों से गिरता हुआ,
जैसे बारिश की पहली बूंदें होती हैं।।
तेरी आवाज़ में एक सुकून है ऐसा,
मानो शाम का ठहरा समंदर हो जैसा।
हर दर्द को तू छूकर मिटा देती है,
तेरी मुस्कान दुआओं सा असर रखती है।।
कभी सोचा न था कोई इतना ख़ास लगेगा,
हर पल तेरी याद में दिल यूँ उदास रहेगा।
तेरे बिना वक़्त ठहर-सा जाता है,
और तेरे साथ हर लम्हा जी उठता है।।
तेरी बातों में वो मिठास है,
जो ख़ामोशी में भी एहसास है।
तेरे लफ़्ज़ों में एक जादू बसता है,
जो हर मुलाक़ात को ख़्वाब बनाता है।।
कभी जो ज़िंदगी में उदासी छा जाए,
तेरी यादें फिर मुस्कान ले आएं।
तू ही वो सुकून, तू ही वो चैन है,
तेरे बिना ये दिल बस अधूरा शाज़ है।। 💖
रचनाकार:- शाहबाज आलम शाज़ युवा कवि स्वरचित रचनाकार सिदो कान्हू क्रांति भूमि बरहेट सनमनी
(Creator: Shahbaz Alam Shaaz — Young Poet, Original Writer from Sido Kanhu Kranti Bhumi, Barhait, Sanmani)