Sahityapedia
Sign in
Home
Your Posts
QuoteWriter
Account
6 Nov 2025 · 1 min read

इश्क़ की खातिर ही पिघलोगे यक़ीनन

इश्क़ की खातिर ही पिघलोगे यक़ीनन
सोच अपनी आप बदलोगे यक़ीनन

डा सुनीता सिंह सुधा
वाराणसी

Loading...