तू राम मेरा तू श्याम मेरा,
तू राम मेरा तू श्याम मेरा,
दिन रात व,आठों याम मेरा।
किसी और से नाता नहीं बना,
बस इक दाता घनश्याम मेरा।
सब कुछ देकर दुख हर लेता,
माधव एकल सुखधाम मेरा।
तू कारण कर्म तू ही कर्ता,
तू ही तो है परिणाम मेरा।
दर्शन तेरे जब भी होते
मन पाये बहुत आराम मेरा।
तेरी चौखट ऐसी माधव,
बन गया असंभव काम मेरा।
है नमस्कार तुझे बार बार,
स्वीकारो प्रभु आभार मेरा।
सृजन चरणन में रहे लीन,
बस इतना सा मनुहार मेरा।