नेता का चुनाव
नेता अपनी जाति का
इस कारण से ओट।
अपने हाथ कुठार से,
अपने पग पर चोट।
अपने पग पर चोट,
वोट मिट्टी में खोना।
पीछे क्या पछताव
किये पर फिर क्यों रोना।
नेता अगर अयोग्य हो,
न करिए गुणगान।
जाति नहीं ,देखो फ़क़त
हुनर समर्पण ज्ञान।
कह सृजन कविराय,
वोट हो परमारथ का।
तभी तुम्हारे ओट से,
होय भला भारत का।