मुक्तक
मुक्तक
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नदी गंगा तपस्या से धरा पर स्वर्ग से लाए।
भगीरथ की सफलता पर सभी जन खूब हर्षाए।
किया धारण जटाओं में भयानक वेग को शिव ने।
तभी सब देवताओं ने गगन से पुष्प बरसाए।
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-सुरेन्द्रपाल वैद्य
मुक्तक
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नदी गंगा तपस्या से धरा पर स्वर्ग से लाए।
भगीरथ की सफलता पर सभी जन खूब हर्षाए।
किया धारण जटाओं में भयानक वेग को शिव ने।
तभी सब देवताओं ने गगन से पुष्प बरसाए।
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-सुरेन्द्रपाल वैद्य