गौरीशंकर धाम में, भक्तों की है भीड़।
गौरीशंकर धाम में, भक्तों की है भीड़।
विनती सारे कर रहे, हरण करो मम पीड़।
गौरीशंकर की कृपा, पाते जो भी भक्त।
जीवन भर होते नहीं, माया से आसक्त।।
भक्त बैकुंठपुर गया, दर्शन करने आज।
बाबा वर दे दो हमें, सहज सिद्ध हो काज।।
धाम बैकुंठ में बसे, गौरी शंकर संग।
मनोकामना पूर्ण कर, भरते नवल उमंग।।
शीश धरा “पाठक” वहाँ, जहाँ उमा शिव वास।
क्षमा दान हर भूल का, पूरण हो हर आस।।
:- राम किशोर पाठक (शिक्षक/कवि)