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5 Nov 2025 · 1 min read

पदचिन्हों की छाप छोड़ते चले थे हम

पदचिन्हों की छाप छोड़ते चले थे हम
एक मोड़ ऐसा भी आया
पगडंडियाँ ही खो गई जिंदगी के सफर में

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