दा रियल सच
इंसान विकल्पों का आदी होता है। नया विकल्प मिलते ही इंसान को उसमें बहुत सी खूबियां और पुराने में ढेरो कमियां नजर आने लगती है।
स्टपनी का जमाना है साहब, पता नहीं कौन सी स्टपनी का सहारा लेना पड़ जाए।
अब तय करना कि विकल्प या स्टपनी बनना है या खुद का राजा
……..✍️@रविंदो उवाच: