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5 Nov 2025 · 1 min read

वो आंधियों में आकर चिराग़ों की बात करते हैं,

वो आंधियों में आकर चिराग़ों की बात करते हैं,
वो उदास लम्हों में मुस्कुराने की बात करते हैं।
वो गुज़ार तो गये मेरे दिल की गलियों से अकेले लेकिन
छोड़कर तन्हा मुझे बेवफा दिल लगाने की बात करते हैं।।
Phool gufran

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