अंत के गर्भ में .....
अंत के गर्भ में …..
मैं
व्यस्त रही
अपने बिम्बों में
तुम्हारे बिम्ब को
तराशने में
तुम
व्यस्त रहे
अपने
स्वप्न बिम्बों को
तराशने में
हम
व्यस्त रहे
इक दूसरे में
इक दुसरे को
ढूंढने में
पर
वक्त ने
वक्त ही न दिया
हम
ढूंढते ही रह गए
आरम्भ को
अंत के गर्भ में
सुशील सरना