जब वो अपना समझ के मिलते हैं
जब वो अपना समझ के मिलते हैं
लगता है ज़ख्म दिल के सिलते हैं
ज़िन्दगी भी लगे महकने सी
प्यार के फूल दिल में खिलते हैं
डॉ.अर्चना गुप्ता
04.11.2025
जब वो अपना समझ के मिलते हैं
लगता है ज़ख्म दिल के सिलते हैं
ज़िन्दगी भी लगे महकने सी
प्यार के फूल दिल में खिलते हैं
डॉ.अर्चना गुप्ता
04.11.2025