यशोधरा
क्या यशोधरा ने सोचा होगा ?
जब (564 B.C )ईशा पूर्व में सिद्धार्थ ने घर त्यागने के बारे में सोचा होगा
क्या यशोधरा से भी साथ चलने के लिये कहा होगा?
पुत्र राहुल की और देखा होगा
उसके पालन पोषण का भार,
यशोधरा पर सौंपा होगा ।
क्या संगिनी से यह पूछा होगा? तुम यह दायित्व उठा सकोगी क्या?
मै इतिहास में अमर हो जाऊँगा, सब त्याग भवसागर तर जाऊँगा ।
तुम खो जाऊँगी पन्नो में,तुम रह जाऊँगी पलको में
यशोधरा ने भोर में क्या सिद्धार्थ को ढूँड़ा ना होगा,
कह जाते बस एक बार,
क्या में भी कहती साथ चलोंगी या में रास्ते पर अड़ जाती
उनके हरदय को पिघलाती ।
मेरे अश्रु की धार उनको बुद्ध बनने नहीं देते ? या
मैं आगे बढ़कर स्वम् तुमको, तुम्हारी राह देखती ।।