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30 Oct 2025 · 1 min read

जीवन के सफर में

जीवन के सफ़र में ,कितने है हम अकेले
कैसे निपटें इससे, नित नये है यहां झमेले।

बात गैरों की नहीं , मारा है हमें अपनों ने
चंद झूठे वादे , और टूटे हुए सपनों ने।

लोग बात बात पर, कसा करते हैं ताने
ग़म नहीं कोई , इनसे नाते है पुराने।

जिंदगी की जंग , जीतेंगे ‌आखिर कैसे
गुनाह हमने कल लिए ‌है बहुत ऐसे वैसे।

हर नयी राह ,तुझको खुद ही है बनानी
हौंसला रख , फिर जिंदगी कैसे करें मनमानी
सुरिंदर कौर

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