देखी जाने वाली प्रतियोगिता का निर्णायक अंधा, सुनी जाने वाली
देखी जाने वाली प्रतियोगिता का निर्णायक अंधा, सुनी जाने वाली का बहरा, समझी जाने वाली का मूर्ख हो, तो वहां कला का गला घुटना तय मान लिया जाना चाहिए।
😞प्रणय प्रभात😞
देखी जाने वाली प्रतियोगिता का निर्णायक अंधा, सुनी जाने वाली का बहरा, समझी जाने वाली का मूर्ख हो, तो वहां कला का गला घुटना तय मान लिया जाना चाहिए।
😞प्रणय प्रभात😞