जन्म के बाद "होश संभालने" से लेकर मृत्यु से पहले "होश गंवान
जन्म के बाद “होश संभालने” से लेकर मृत्यु से पहले “होश गंवाने” के बीच का “कालखंड” ही “जीवन” है।।
😊प्रणय प्रभात😊
जन्म के बाद “होश संभालने” से लेकर मृत्यु से पहले “होश गंवाने” के बीच का “कालखंड” ही “जीवन” है।।
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