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25 Sep 2025 · 1 min read

मौसम का मिजाज और इंसानों की फितरत ,

मौसम का मिजाज और इंसानों की फितरत ,
खुदाया !कुछ समझ में नहीं हमको है आता ।
पल में बदल जाते हैं दोनों गिरगिट की तरह ,
यकीन किसी पर भी अब किया नहीं जा सकता ।

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