मुक्तक
मुक्तक
तुम्हें हर हाल में वादा निभाना चाहिए था
मुसीबत में हमारे साथ आना चाहिए था
भटककर जब भँवर के बीच हम जाकर घिरे थे
पुराना प्यार तब अपना जताना चाहिए था
डॉ.अर्चना गुप्ता
मुक्तक
तुम्हें हर हाल में वादा निभाना चाहिए था
मुसीबत में हमारे साथ आना चाहिए था
भटककर जब भँवर के बीच हम जाकर घिरे थे
पुराना प्यार तब अपना जताना चाहिए था
डॉ.अर्चना गुप्ता