#तृतीय_दिवस
#तृतीय_दिवस
जय मां चंद्रघंटा।
“अर्द्धचंद्र घंटी बना, रहा मुकुट में साज।
मां के अनुपम रूप का, दिवस तीसरा आज।।”
#प्रणय_प्रभात
#तृतीय_दिवस
जय मां चंद्रघंटा।
“अर्द्धचंद्र घंटी बना, रहा मुकुट में साज।
मां के अनुपम रूप का, दिवस तीसरा आज।।”
#प्रणय_प्रभात