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23 Sep 2025 · 1 min read

ज़िन्द‌गी तू भी ज़रा देख हक़ीक़त

ज़िन्द‌गी तू भी ज़रा देख हक़ीक़त
मेरी,
कैसे मरता हूं में जीने की तमन्ना
करके।
डाॅ फ़ौज़िया नसीम शांद

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