तुम्हारे साथ मिलकर हम नई दुनिया बसाएँगे,
तुम्हारे साथ मिलकर हम नई दुनिया बसाएँगे,
सितारों चाँद के जैसे जमीं को भी सजाएँगे ॥
यकीं करलो जो तुम मेरा ज़रा इक बार ऐ हमदम,
तुम्हारी चाहतों को हम सदा दिल से लगाएँगे ॥
मिटा सकते हो दूरी भी पलों में आप तो दिल की,
ज़रा नजदीक आ जाओ तो हम भी मुस्कुराएँगे ॥
हसीनों के हठीले हो गए तेवर अचानक ही,
हमें बस दूर से ही रात-दिन वो आजमाएँगे ॥
कसीदे पढ़ने की सोची थी हमने प्रेम में पड़कर,
मगर अब गीत भी क्या? प्यार के हम गुनगुनाएंगे ॥
बनो मत ‘सर्व प्रिय’ अब तुम दीवाने तो कभी उनके,
अगर दिल को लगाना है तो खुद ही पास आएँगे ॥
राजेश पाली ‘सर्वप्रिय’