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23 Sep 2025 · 1 min read

कभी तुम हम को बुलाओं कभी हम तुमको बुलाए।

कभी तुम हम को बुलाओं कभी हम तुमको बुलाए।
चाँद तारों आओ बैठो एक दूसरे को दर्द-ए-पिन्हाॅं सुनाए।।
मधु गुप्ता “अपराजिता”

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