"तारीफ़ की चाहत"
“तारीफ़ की चाहत”
तारीफ़ की चाहत तो
नाकाम लोगों की फितरत है,
काबिल लोगों के तो
दुश्मन भी कायल होते हैं…।
“तारीफ़ की चाहत”
तारीफ़ की चाहत तो
नाकाम लोगों की फितरत है,
काबिल लोगों के तो
दुश्मन भी कायल होते हैं…।