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30 Sep 2025 · 1 min read

मुद्दे की बात

‘मुद्दे की बात’

मुद्दा मोदी नहीं,
मुद्दा योगी नहीं;
मुद्दा मोदी हारे या जीते,ये नहीं;
मुद्दा ये नहीं;
कि विकल्प योगी बने,
मुद्दा तो है,
राष्ट्र सुरक्षित हाथ में रहे;
भारत सदा भारत रहे।
मुद्दा है,
हिंद का विश्व में महारथ रहे;
मुद्दा है,
कोने-कोने सात्विक धाम हो,
देशद्रोहियों पे लगाम हो,
पग-पग पे,देशभक्त आवाम हो।
ऐसे मुद्दों में सदा जान रहे,
वंदे मातरम का भान रहे;
भारत का अभिमान रहे,
जन गण राष्ट्रगान रहे।
मुद्दा तो है,
हमें हर राष्ट्रीय चिह्न का ज्ञान रहे,
प्रतीक अशोक स्तंभ हो,
मिठाई जलेबी व हॉकी खेल हो,
मुद्दा, चुनावी फल आम रहे;
कमल फूल, राष्ट्र के नाम रहे।
मुद्दा अंधभक्ति नहीं,
मुद्दा उसमें छुपा राष्ट्रभक्ति है,
महंगाई मुद्दा नहीं,
ये तो जनसंख्या का ईनाम है;
गरीबी मुद्दा नहीं,
ये तो घुसपैठियों का काम है।
बेरोजगारी,कहीं नहीं;
ये तो बस कामचोरों के नाम है।
अंतिम मुद्दा, नेता न मुद्दालय हो;
देश में सिर्फ देशभक्तों का आलय हो।
””””””””””””””””””””””””””””””””””””””””””””””””””””””””’

✍️pk
कटिहार
३०/०९/२०२५

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