शारदीय नवरात्र का, हुआ आज आरंभ।
शारदीय नवरात्र का, हुआ आज आरंभ।
भक्त सभी आशा लिए, कार्य करे प्रारंभ।।
भक्त भजन में लीन हो, करते मात पुकार।
आकर मेरे गेह में, कर दो माँ उद्धार।।
कलश स्थापना कर रहे, माता शक्ति प्रतीक।
विस्मित अब संसार है, होकर सब निर्भीक।।
पावन बेला आ गया, शुरू हुआ नवरात्र।
साधक सारे हैं खड़े, लिए भक्ति का पात्र।।
दीन-हीन “पाठक” कहे, कृपा करो अब मात।
शरण तुम्हारी आ पड़ा, कर दो माँ निष्णात।।
:- राम किशोर पाठक (शिक्षक/कवि)