Sahityapedia
Sign in
Home
Your Posts
QuoteWriter
Account
21 Sep 2025 · 1 min read

ओरे फूलों, ओ तुम बहारों

ओरे फूलों, ओ तुम बहारों, रहना तुम भी साथ हमारे।
आज है मौसम सुहाना, गावो तुम भी साथ हमारे।।
ओरे फूलों, ओ तुम बहारों————————।।

देखो तुम जरा यह देखो, आई है बरखा रानी।
प्यास सबकी बुझाने, आई है यह लेकर पानी।।
लग रही है कितनी प्यारी, नीर भरी यह फुव्वारी।
ओरे मेघों, ओ तुम फुहारों, चलो तुम भी साथ हमारे।।
ओरे फूलों, ओ तुम बहारों————————।।

ये इधर जो बह रहे हैं, कितने शीतल ये प्यारे झरनें।
दिख रहे हैं इनमें हमको, अपने जीवन के प्यारे सपनें।।
नीर अमृत सा बहा रहे हैं, प्यास बुझाने को ये हमारी।
ओरे लहरों, ओ तुम हिलोरों, झूमो तुम भी साथ हमारे।।
ओरे फूलों, ओ तुम बहारों————————–।।

लेकर आया है आज सवेरा, सूरज यह नये जीवन का।
चांद- सितारों से आज चमका है, यहाँ चिराग हर मन का।।
अब सफर हो गया है रोशन, आई है जो किरणें उम्मीदों की।
ओरे चंदा, ओ तुम सितारों, चमको तुम भी साथ हमारे।।
ओरे फूलों, ओ तुम बहारों————————–।।

शिक्षक एवं साहित्यकार
गुरुदीन वर्मा उर्फ़ जी.आज़ाद
तहसील एवं जिला- बारां(राजस्थान)

Loading...