भूल हो गई
भूल हो गई मुझसे जमाने में जीते हुए,
बड़ी नादान है जिंदगी कह कर रूठी रही मुझसे।
एक छोटी सी भूल गलती कहलाती है अक्सर,
उनका क्या जो जानबूझ कर भूल करते है उन्हें पाने के लिए ।
भूल हो गई है कोई गुनाह तो नहीं किया अपना बना के उन्हें,
गुनाहगार तुम बने फैसले की अदालत तुमने बदल दी ‘हाँ’ कह कर।
भूल तो हम भी गए थे नाम लेना तेरा ए “बिपिन”,
बस ये छोटी से भूल हो गई कर दो माफ़ ज़रा।।
रचनाकार
बुद्ध प्रकाश
मौदहा हमीरपुर।