जिन्दगी
ए जिन्दगी मुझे क्या सिला दिया तूने ।
एक हंसते हुए चेहरे को रुला दिया तूने।।
कैसे वया करूं इस दिल दर्द को।
मेरी खुवाहिशों को ख़ाक में मिला दिया तूने।।
Shakreen sageer
ए जिन्दगी मुझे क्या सिला दिया तूने ।
एक हंसते हुए चेहरे को रुला दिया तूने।।
कैसे वया करूं इस दिल दर्द को।
मेरी खुवाहिशों को ख़ाक में मिला दिया तूने।।
Shakreen sageer