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21 Sep 2025 · 1 min read

हे परम आदरणीय पूर्वजों! आज हम अपने त्योहार, देवी देवताओं की

हे परम आदरणीय पूर्वजों! आज हम अपने त्योहार, देवी देवताओं की पूजा कर पाते हैं, अपने देश मे गर्व से रह पाते हैं, ये सब इसीलिए सम्भव हो पाया क्योंकि आपने तलवार के डर से अपना धर्म नहीं बदला। पितृपक्ष के समापन पर सभी भूले बिछुड़े पितरो को आदर और स्नेह भाव से समर्पित भोज प्रस्तुत करते है आप सभी उसे गृहण करे और अपना आशीर्वाद बना कर रखे…🙏🏃🏻‍♂️पितृ देवाय: नम:। सर्वे भवन्तु सुखिनः सर्वे सन्तु निरामया। सर्वे भद्राणि पश्यन्तु मा कश्चित् दुःखभाग् भवेत्।। प्रणाम, नमस्कार,
भारत माता की जय,
सनातन धर्म की जय 🚭‼️

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