रिस रिस के जैसे दरिया रवानी पे आ गया
रिस रिस के जैसे दरिया रवानी पे आ गया
वैसे ही दुख भी आँख के पानी पे आ गया
ये शायरी ये नौकरी ये इश्क़ और देश
सारे का सारा बोझ जवानी पे आ गया
Abhishar Geeta Shukla
रिस रिस के जैसे दरिया रवानी पे आ गया
वैसे ही दुख भी आँख के पानी पे आ गया
ये शायरी ये नौकरी ये इश्क़ और देश
सारे का सारा बोझ जवानी पे आ गया
Abhishar Geeta Shukla