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20 Sep 2025 · 1 min read

रिस रिस के जैसे दरिया रवानी पे आ गया

रिस रिस के जैसे दरिया रवानी पे आ गया
वैसे ही दुख भी आँख के पानी पे आ गया

ये शायरी ये नौकरी ये इश्क़ और देश
सारे का सारा बोझ जवानी पे आ गया

Abhishar Geeta Shukla

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