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20 Sep 2025 · 1 min read

राम संग चौदह बरस, झेल चुकीं संत्रास।

राम संग चौदह बरस, झेल चुकीं संत्रास।
पुन: नियति ने दे दिया, पृथक सिया वनवास।

राजेश पाली ‘सर्वप्रिय’

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