परख कर ठोकरो को फिर सम्भलना सीख पायेंगे
#वज़्न – 1222 1222 1222 1222
दुखों से हम न हारे तो उबरना सीख पाएंगे ।
परख कर ठोकरो को फिर सम्भलना सीख पाएंगे।।
जमाना जीत लेंगे हम अगर अपने ना धोखा दे ।
मुसीबत और मुश्किल से गुजरना सीख पाएंगे ।।
इरादे आज जो मजबूत हो जाए हमारे तो ।
नदी की तेज धारा में ठहरना सीख पाएंगे ।।
नहीं पीछे कभी हटते जवां अपने इरादों से ।
वो तो हर हाल में किस्मत बदलना सीख पाएंगे ।।
तड़प है जिन्हें अनमोल ,सच्चे मोतियों की वो ।
समुन्द्र के भी पानी में उतरना सीख पाएंगे।।
नूर फातिमा खातून “नूरी ”
जिला -कुशीनगर