शीर्षक - स्त्री....
शीर्षक – स्त्री…. नारी
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सच तो नारी स्त्री महिला नाम होते हैं।
हर एक नारी स्त्री का सम्मान करना है।
हम स्त्री को कभी न अबला समझते हैं।
शक्ति और श्रद्धा के साथ स्त्री होती हैं।
जीवन और जिंदगी में सोच रखतीं हैं।
हां नीरज शब्दों में स्त्री को लिखते हैं।
सच और समाजिक जागरूकता करते हैं।
स्त्री भी स्वतंत्र विचारों को सहयोग देती हैं।
एक-दूसरे का संग साथ हर पल करतीं हैं।
न कमजोर न डरती बस प्रेम ही रखतीं हैं।
मां बहन बेटियों के साथ और रिश्ते नाते है।
हम सभी मन भाव से स्त्री को मान देते हैं।
हर घर और परिवार में स्त्री समाज होते हैं।
स्त्री ही तो हम सभी को जन्म जीवन देती हैं।
सच और हकीकत हम सभी समझते हैं।
आओ हम स्त्री को मान सम्मान मन से देते हैं।
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नीरज कुमार अग्रवाल चंदौसी उत्तर प्रदेश