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19 Sep 2025 · 1 min read

याद उसकी आ रही है।

याद उसकी आ रही है।
आँख रोती जा रही है।

दूर है वो मुझसे इतनी,
फिर भी क्यों तड़पा रही है।

पास है उसकी निशानी,
दिल को जो बहला रही है।

छोड़कर मुझको अकेला,
आज वो पछता रही है।

ज़िंदगी कैंसी डगर पर,
अब हमे चलवा रही है।

‘सर्वप्रिय’ तन्हाई हमसे,
शायरी करवा रही है।

राजेश पाली ‘सर्वप्रिय’

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