#80_साल_बाद
#80_साल_बाद
श्योपुर की सरज़मीं आज करेगी सैयदना की क़दमबोसी
अगवानी को बेताब क़ौम ने बिछाई पलकें।
दुल्हन की तरह सजाई आका मौला की रहगुज़र।
दो दिन की मेहमानी के लिए मेजबानी की होड़।
अभी दोपहर 1 बजे आमद का है शेड्यूल।
(प्रणय प्रभात)
अपने रहनुमा पर दिल जान से फ़िदा शिया दाऊदी बोहरा समुदाय के
53वें अल-दाई अल-मुतलक (मुख्य धर्मगुरु) सैयदना मुफ़द्दल सैफुद्दीन की लाव लवाज़मे के साथ सवाई माधोपुर के रास्ते श्योपुर आमद आज। इस्तकबाल और दीदार के लिए दूर दराज़ तक के परिवार पहुंचे श्योपुर।
जनवरी 2014 में इस पदवी को संभालने वाले समाज के रहबर सैयदना साहब का अपनी पीढ़ियों के साथ दौरा शहर ही नहीं सूबे की भी है खुशनसीबी। दुनिया के तमाम मुल्कों में शाही मेहमान का मिला हुआ है दर्जा। क़रीब 40 से ज्यादा देशों में लाखों की तादाद में आबाद शिया बोहरा बिरादरी की अगुवाई करते हैं 79 साल के सैयदना साहब।
रमज़ान के मुकद्दस महीने में मनाया जाता है 53वें सैयदना का यौमे पैदाइश। 52वें अल-दाई सैयदना मोहम्मद बुरहानुद्दीन (त.उ.श.) की पाक विरासत के वारिस के तौर पर अमन पसंद और वतन परस्त क़ौम की रहनुमाई कर रहे हैं आली जनाब सैयदना साहब।
बोहरा मस्जिद और जमाअतखाने से लेकर चारसू की गई है शानदार रोशनी और सजावट। बोहरा बाज़ार से गोलंबर तक खैरमकदम के ज़बरदस्त इंतज़ामात बने शहर भर में चर्चा का सबब। घर घर किया गया है नए सिरे से रंगरोगन। पहले से तय हैं सारे प्रोग्राम। मेज़बानी का मुकद्दस मौका हासिल करने वालों की मसर्रत का नहीं है कोई ठिकाना।
तक़रीबन 80 साल पहले श्योपुर आए थे 51वें सैयदना। उसके बाद 52वें सैयदना की मेहमानी की ख्वाहिशें तमाम कोशिशों के बावजूद नहीं हो पाईं पूरी। ऐसे में 53वें सैयदना की आमद का है अपना एक ख़ास मानी और मर्तबा। दौरे को लेकर तय प्रोटोकॉल पर अमल को लेकर पाबंद है बिरादरी का हर एक शख़्स। दो दिन फिर नज़र आएंगे क़ौम की तरक्की, यवोज़हती और भाईचारगी के रंग।
ज़िला प्रशासन, पुलिस प्रशासन, नगर निकाय भी अपने अपने मोर्चे पर मुस्तैद। हर जगह रहेगी चाक चौबंद चौकसी। आवाजाही के रास्तों में रहेगा बड़ा बदलाव। तमाम इंतज़ाम अब अंतिम दौर में। जी जान से जुटे हैं समाज के नौजवान और बुजुर्ग। खवातीन में भी खुशी की लहर। हमारी जानिब से भी खुशामदीद।।
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संपादक
न्यूज़&व्यूज
श्योपुर (मप्र)