आपदाग्रस्त यह माहौल हमें प्रकृति के संतुलन की अहमियत का एहसा
आपदाग्रस्त यह माहौल हमें प्रकृति के संतुलन की अहमियत का एहसास कराता है। आध्यात्मिक दृष्टिकोण से, पृथ्वी हमारी माँ है और उसका संरक्षण करना हमारा धर्म है। जब हम प्रकृति की रक्षा करते हैं, तब हम स्वयं की ही रक्षा करते हैं। “प्रकृति की सेवा,
आत्मा की साधना है।”