कलम और अख़बार जब, सच का करें बयान।
कलम और अख़बार जब, सच का करें बयान।
उस दिन होगा देश में,. पत्रकार का मान॥
हार गया विश्वास भी, जब से टूटे पंख।
जीवन में जयघोष का, कौन बजाए शंख॥
दारू बिकने पर कभी, लगती नहीं लगाम।
इसीलिए यारों यहाँ, छलक रहे नित जाम॥
राजेश पाली “सर्वप्रिय”